अनदेखा भारत

Jul 30, 2012 at 09:45 o\clock

शिक्षा भारत का

देश का प्राद्योगिकी!!! जी हाँ सौ करोड़ से भी ज्यादा आबादी वाले इस देश में इसी की कमी है!!! जबकि दूसरे छोटे देश ऐसे जापान फ़्रांस आदि तो हमसे काफी आगे हैं? ऐसा क्यों? जबकि इस देश में बड़े बड़े विश्वद्यालयों कि कमी नहीं है, फिर भी इस देश में दुनिया में सबसे ज्यादा अनपढ़ लोग क्यों रहते हैं? 

ह्ह्मारा देश दुनिया में दूसरा है फिर भी इस देश में आई.आई.टी. सिर्फ तेरह हैं!!!

देश प्रगति नहीं कर पता क्यूंकि इस देश में अच्छे-अच्छे छात्रों को उनका पढाई का अधिकार छिन लिया जाता है, जरा सोचिए लोग्भाग हर साल आई.आई.टी. परीक्षा देते हैं करीब ५० लाख, पास होता हैं कुछ सौ... अगर उनमे से दो हज़ार भी हर साल इन्जीनिअर बनें तो देश कितना प्रगति क्र पायेगा? देश में डॉक्टरों की कमी है, अगर और दोक्ट्रोर बनाए जा सकते तो क्या हर मरीज़ का इलाज नहीं किया जा सकता था... क्या फायदा है ऐसे इन्तेहानों का प्रतियोगिता के आधार पर निर्वाचन करते हैं? क्या उस इन्तेहाँ पे थोड़े कम नम्बर पाने वाले भी अच्छे डॉक्टर इंजीनियर वैज्ञानिक नहीं बन सकते? 

 

Jul 27, 2012 at 22:06 o\clock

इस ब्लॉग के बारे में...

नमस्कार मेरे प्रिय पाठकों को, आप सबको मेरे ब्लॉग पे स्वागतम!

 भारत आज एक ताकतवर देश बन चूका है, एक परमाणु शक्तिशाली देश. पर भारत के अन्दर जो चीज़ें अनदेखी की जा रही है उनके बारे में कोई नहीं सोचता! हर कोई इस देश के रौनक को ही देखता है, विदेशीयों के सामने जो हमारे देश के नाम डूब रहा है, उस बात को हर कोई अनदेखा क्र देता है. देश लूट कर विदेशी आज भी हमारे गरीब भाइयों को भूखे सोना पड़ता है. कोई अनशन करता है कि देश का धन लुट रहा है, तो उसे पुलिस पीटती है... एक विदेशी महिला हमारे देश पैर अपना शासन चलाए जा रही है, और हमारे देश के नेता उन्हीं को "मैडमजी" कहके पुकारती हैं!!! ऐसा है हमारे देश का हाल. 

मैं अपने ब्लॉग पे इन्ही को  शब्दबद्ध करने की कौशिश करूँगा, और उम्मीद करूँगा कि आप भी मुझे प्रोत्साहित करते रहेंगे.

धन्यवाद!!!